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दुमका में जिला स्तरीय पशु मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण

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दुमका: जिला पशुपालन कार्यालय परिसर में सोमवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय पशु मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने किया। इस अवसर पर सहायक समाहर्ता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित जिले के सभी पशु चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीकों तथा बेहतर जीविकोपार्जन के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही गौ-पालकों को सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया। इस तकनीक के माध्यम से लगभग 90 से 100 प्रतिशत तक मादा बछड़ा (बाछी) के जन्म की संभावना बढ़ जाती है, जिससे डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिलता है और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सकती है।

इस मौके पर उपायुक्त ने लाभुकों से संवाद भी किया। रामगढ़ प्रखंड के दिव्यांग लाभुक परमेश्वर महतो ने बताया कि करीब पाँच वर्ष पहले उन्हें योजना के तहत 4 बकरी और 1 बकरा प्राप्त हुआ था। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इसे बढ़ाकर 29 बकरियों तक पहुंचा दिया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ। उपायुक्त ने इसे प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए अन्य लाभुकों से भी इससे सीख लेने की अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही परिसंपत्तियों को अपनी संपत्ति समझकर उसका सही उपयोग करें और उसे आगे बढ़ाकर अपनी आजीविका को मजबूत बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पशुपालन अपनाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (वित्तीय वर्ष 2025-26) के अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इसके तहत रामगढ़ प्रखंड में बत्तख चूजा वितरण योजना के 11 यूनिट, ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना का 1 यूनिट तथा दो गाय की योजना के 2 यूनिट वितरित किए गए। वहीं दुमका प्रखंड में पाँच गाय की योजना के 2 यूनिट और दो गाय की योजना के 5 यूनिट लाभुकों को दिए गए। सरैयाहाट प्रखंड में पाँच गाय की योजना का 1 यूनिट तथा बकरा विकास योजना का 1 यूनिट वितरित किया गया। इसके अलावा मसलिया प्रखंड में बत्तख चूजा वितरण योजना के 10 यूनिट और बकरा विकास योजना के 5 यूनिट लाभुकों के बीच वितरित किए गए।

इस अवसर पर पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों-पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

joharnewslive
Author: joharnewslive

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